Bharat pyara desh hamara essay

Bharat pyara desh hamara essay

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in my school my hindi oral exams was there and topic was this. I make this essay short and i had given oral to my teacher. She very impressed with this essay and she had given me full marks. Thanks for thia essay

Only basics are written , plus it’s written like a robot is programmed to tell an essay on its country.
Anyways we can pick out some points from it and can make our own essay.
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VERY INPORTENT WEBSITR

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thx for this essay helped me a lot. Thx again

Hindi Essay on “Mera Pyara Bharat Desh” , ” मेरा प्यारा भारत देश ” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

मेरा प्यारा भारत देश

भारत : हम सबका प्रिय – सभी प्राणी अपनी जन्मभूमि को जन से भी पियारा मानते हैं तथा उसी की सबसे सुंदर मानते हैं | हम भारतवासियों के लिए भी हमारा भारत सबसे प्रिय है |

प्राकृतिक सौंदर्य – प्राकृति ने भारत की देह का निर्माण एक सुंदर देवी के रूप में क्या है | हिमाचल की बर्फ से ढकी पहाड़ियाँ उसका सुंदर मुकुट है | अटक से कटक तक फैली उसकी विस्तुत बाहें है | कन्याकुमारी उस देवी के चरण हैं जो तीन ओर से घिरे समुंद्र में विहार करने का निरंतर आनंद ले रहे है | गंगा-यमुना की धाराएँ उस देवी की छाती से निकलने वाला अमृत है जिसका पान करके देश के एक अरब पुत्र धन्य होते है |

विविधताओं का सागर – भारतवर्ष विविधताओं का जादू-भरा पिटारा है | इसमें पहाड़ियाँ भी है, समुंद्र भी ; जल-पूरित प्रदेश भी हैं तो सूखे रेगिस्तान भी ; हरियाली भी है ; उजाड़ भी ; तपती लू भी है तो शीतल हवाएँ भी ; बीहड़ वन भी हैं तो विस्तुत मैदान भी ; यहाँ वसंत भी है तो पतझड़ भी | यहाँ खान-पान, रहन-सहन, धर्म-साधना, विचार-चिंतन किसकी विविधता नहीं है ? यही विविधता हमारी शान है, हमारी समृद्धि का कारण है |

धन और ज्ञान का भंडार – भारतवर्ष को ज्ञान के कारण ‘जगद्गुरु’ तथा धन-वैभव के कारण ‘सोने की चिड़िया’ कहा जाता था | भारत में जितने खनिज भंडार हैं, उतने अन्य किसी देश में नहीं | हमारी इसी संपति को लुटने के लिए लुटेरे बार-बार भारत पर आक्रमण करते रहे | आज भी भारत की कोख रत्नों से खली नहीं हुई है |

ज्ञान के क्षेत्र में सारा विश्व भारत का ऋणी है | शून्य और गणना- पद्धति भारतवर्ष की दें है | इसी पर विज्ञान की सारी सभ्यता टिकी हुईं है | यहाँ के शिल्प, कला- कौशल, ज्योतिष — ज्ञान विश्व भर को आलोक देते रहें हैं |

सत्य, अध्यात्म और अहिंसा की धरती – भारत के लिए सबसे अधिक गौरव की बात यह है कि इस धरती ने विश्व को सत्य, अहिंसा धर्म और सर्वधर्मसमभाव का संदेश दिया | भारत में जैन, बोद्ध, हिन्दू जैसे विशाल धर्मो ने जनम लिया किंतु कभी दुसरे देश पर जबरदस्ती अधिकार करने का यत्न नहीं किया | यहाँ तक कि हमने आज़ादी की लड़ाई भी अहिंसा के अलौकिक अस्त्र से जीती | विशव की सभी समस्याओं पर विचार करने और उसका शंतितुर्ण हल धुंडने में भी भारत अग्रणी रहा है | आज भी अगर विशव-भर को शांति चाहिए तो उसे भारत की शरण में आना होगा |

Bharat – Mera Desh – My India Hindi Essay

भारत देश को सोने की चड़िया कहा जाता है । हमारा भारत देश वह देश है जहाँ माताएं भगवान को अपनी गोद में खिलाती हैं । हमारे देश का नाम राजा दुष्यंत और रानी शकुन्तला के पुत्र भरत के नाम पर पड़ा । भारत देश का प्राचीन नाम आर्यवर्त था । परंतु अंग्रेजो ने इसे इंडिया का नाम दिया । हमारा कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक फैला हुआ है ।

यहाँ प्रकार की जातियां , प्रकार की भाषाएँ,कई प्रकार के धर्मो के लोग रहते है । हमारे देश में कई देवी देवताओं का निवास है । और कई तीर्थस्थल भी है ।हमारे राजधानी दिल्ली है । हमारा देश कृषि प्रधान देश है । जहां कई प्रकार की फसलें उगाई जाती है । हमारे देश में कई तरह के त्यौहार मनाये जाते है । अन्न की दृष्टि में हमारा देश आत्मनिर्भर देश है । हमारा देश लोकतंत्र देश है । भारत देश एक धर्मनिरपेक्ष देश भी कहलाया जाता है ।
अंग्रेजो ने भारत देश पर २०० साल तक राज किया । इस दौरान हमारे देश में कई क्रान्तिकारी और महापुरुष हुए । हमारे देश को १५ अगस्त १९४७ में अंग्रेजो से आजाद करवाया गया । हमारे देश में कई प्रकार की संस्कृति और सभ्यता है । परन्तु अब इसी भारत देश में इतनी कालाबाज़ारी और भ्रष्टाचार फैल गया है की अब यह सोने की चिड़िया नही रहा है ।