Essay on computer ka yug in hindi

इंटरनेट की उपयोगिता पर निबंध | Essay on Internet Usability in Hindi

इंटरनेट की उपयोगिता पर निबंध | Essay on Internet Usability in Hindi!

आज का युग विज्ञान का युग है । वैज्ञानिक उपलब्धियों ने मनुष्य के जीवन को एक नई दिशा प्रदान की है । विज्ञान के प्रयोग से अनेक असंभव लगने वाली बातों को उसने संभव कर दिखाया है ।

जिस चंद्रमा को हम देवता का स्वरूप मानते थे उसी चंद्रमा पर अपनी विजय पताका फहराकर उसने अनेक भ्रांतियों को समाप्त कर दिखाया है । विज्ञान की खोजों ने मनुष्य को अनेक अद्‌भुत उपकरण प्रदान किए हैं । प्रतिपल नई खोज व अनुसंधान जारी हैं । इंटरनेट की खोज भी मनुष्य की एक ऐसी असाधारण सफलता है जिसने उसकी कल्पनाओं की उड़ान को मानो पंख प्रदान कर दिए हैं ।

इंटरनेट के प्रयोग के लिए कंप्यूटर, टेलीफोन लाइन तथा मॉडेम जैसे उपकरणों की आवश्यकता पड़ती है । इंटरनेट के माध्यम से हम अपना कोई भी संदेश विश्व के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति को प्रसारित कर सकते हैं तथा साथ ही साथ उससे संदेश भी प्राप्त कर सकते हैं । इंटरनेट की स्वयं की अपनी एक दुनिया है । इसके द्‌वारा भेजा गया संदेश उपग्रहों द्‌वारा ग्रहण किया जाता है तत्पश्चात् पुन: तरंगों के माध्यम से गंतव्य स्थान पर भेजा जाता है ।

इंटरनेट में ‘ई-मेल’, ‘वेबसाइट’ तथा ‘वीडियो कांफ्रेंसिंग’ जैसे शब्द महत्वपूर्ण हैं । ‘ई-मेल’ का तात्पर्य है – ‘इलेक्ट्रानिक मेल’ अर्थात् इलेक्ट्रानिक उपकरणों के माध्यम से पत्राचार । इंटरनेट के माध्यम से व्यक्ति बहुत ही कम खर्चे में विश्व के किसी भी कोने में बैठे व्यक्ति से सीधा संपर्क स्थापित कर सकता है ।

कंप्यूटर के ‘कीं-बोर्ड’ की सहायता से वह उक्त व्यक्ति को अपनी बात कह सकता है तथा उसके द्‌वारा भेजे गए संदेश को कंप्यूटर के मॉनीटर की स्क्रीन अथवा पर्दे पर देख सकता है या उसे कागज पर मुद्रित कर सकता है । यह मनुष्य का दूर बैठे मनुष्य से सीधा संपर्क स्थापित करने के लिए सबसे त्वरित व कम खर्चे का विश्वसनीय साधन है । इसमें पत्रों की गोपनीयता भी पूरी तरह बनी रहती है ।

‘वेबसाइट’ में किसी उत्पाद अथवा व्यापारिक अनुष्ठान का सचित्र वर्णन सुरक्षित रहता है । कोई भी व्यापारिक अनुष्ठान अथवा कार्यालय अपने उत्पाद अथवा व्यापार संबंधी अन्य लेखे-जोखे की वेबसाइट तैयार करवा सकता है । वह उसको इच्छित पहचान दे सकता है जिसके माध्यम से उपभोक्ता आसानी से उस कार्यालय, व्यापारिक अनुष्ठान व उससे संबंधित उत्पाद की पूरी जानकारी विश्व के किसी भी कोने में घर बैठे प्राप्त कर सकते हैं ।

इस प्रकार इंटरनेट के प्रयोग ने व्यापारिक क्षेत्र में एक क्रांति ला दी है । इंटरनेट के माध्यम से उपभोक्ता घर बैठे विश्व के किसी भी कोने से खरीदारी कर सकते हैं । वे इंटरनेट के द्वारा वांछित वस्तु को मँगवा सकते हैं । सभी छोटे-बड़े प्रमुख कार्यालयों व व्यापारिक अनुष्ठानों में इंटरनेट धीरे-धीरे अपनी जगह बनाता जा रहा है ।

बढ़ती प्रतिस्पर्धा को देखते हुए बाजार में रहने के लिए इंटरनेट जैसी आधुनिक सुविधाओं का होना अनिवार्य हो गया है । समाचार-पत्र, रेडियो, दूरदर्शन की खबरें आदि संचार के अन्य साधन भी इंटरनेट से जुड़ गए हैं ताकि उपभोक्ताओं को अधिकतम संतुष्टि प्रदान की जा सके ।

इंटरनेट व्यापार के क्षेत्र के साथ ही साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी बहुत उपयोगी सिद्‌ध हो रहा है । विश्व के महानतम लेखकों की पुस्तकों के अंश व शिक्षा जगत् की नवीनतम जानकारियाँ इंटरनेट के माध्यम से घर बैठे प्राप्त की जा सकती हैं । शिक्षा में कानून, चिकित्सा, इंजीनियरिंग आदि से संबंधित समस्त जानकारियाँ इंटरनेट के माध्यम से प्राप्त की जाती हैं ।

इंटरनेट के नवीनतम संस्करण में अब आवाज को भी जोड़ दिया गया है । अब ई-मेल के माध्यम से एक ओर से दूसरी ओर तक बात की जा सकती है वह भी केवल स्थानीय खर्च पर । इससे विश्व में संचार के क्षेत्र में क्रांति आने की संभावना अधिक प्रबल हो गई है ।

आजकल व्यक्ति अपनी सुविधानुसार इंटरनेट पर उपलब्ध सभी प्रकार की सूचनाओं में से इच्छित वस्तु का उपयोग कर सकता है । चिकित्सकों की राय ली जा सकती है, वायुयानों व रेलगाड़ियों से यात्रा के लिए टिकटों की बुकिंग कराई जा सकती है ।

इस प्रकार इंटरनेट ने आधुनिक जगत् में विश्व के समस्त देशों को और भी पास ला दिया है । संचार क्षेत्र आदि भी अधिक त्वरित, प्रभावी व विश्वसनीय हो गया है जिसने जीवन के समस्त क्षेत्रों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप में प्रभावित किया है । इंटरनेट वास्तविक रूप में मनुष्य की एक महान उपलब्धि है ।

इंटरनेट ने मनुष्य की कल्पनाओं की उड़ान को नए पंख प्रदान किए हैं । भारत में भी इसका प्रचार-प्रसार तीव्र गति से बढ़ रहा है । वह दिन दूर नहीं जब भारत के गाँवों को इंटरनेट के द्‌वारा जोड़ दिया जाएगा और भारत की प्रगति में दिन-दूनी रात चौगुनी वृद्‌धि हो सकेगी ।

कंप्यूटर: आज की आवश्यकता पर निबंध | Essay on Computer : Today’s Need in Hindi

कंप्यूटर: आज की आवश्यकता पर निबंध | Essay on Computer : Today’s Need in Hindi!

विज्ञान और तकनीक की अद्‌भुत खोजों ने मनुष्य के जीवन में एक क्रांति ला दी है। आज का युग विज्ञान का युग है । कंप्यूटर मनुष्य की इन्हीं अद्‌भुत खोजों में से एक है जिसने मानव जीवन को लगभग सभी क्षेत्रों में प्रभावित किया है ।

आज के युग को यदि हम कंप्यूटर का युग कहें तो अतिशयोक्ति नहीं होगी । शिक्षा मनोरंजन, चिकित्सा, यातायात, संचार आदि सभी क्षेत्रों में कंप्यूटर ने अपनी उपयोगिता सिद्‌ध की है । शिक्षा के क्षेत्र में कंप्यूटर अत्यंत उपयोगी सिद्‌ध हो रहे हैं । विद्‌यालयों में धीरे-धीरे कंप्यूटर विषय अनिवार्य हो रहा है । छोटे शहरों एवं महानगरों में कंप्यूटर की शिक्षा प्रदान करने वाले स्कूलों, शिक्षण संस्थानों आदि की बढ़ती संख्या कंप्यूटर की लोकप्रियता का साक्षात प्रमाण है ।

कंप्यूटर के माध्यम से पठन-पाठन का स्तर भी अच्छा हुआ है । आजकल अनेक ऐसे विद्‌यालय खोले जा रहे हैं जहाँ इंटरनेट के माध्यम से व्यक्ति घर बैठे ज्ञान प्राप्त कर सकता है । प्रबंधन, कानून व रिसर्च में संलग्न विद्‌यार्थियों के लिए कंप्यूटर एक वरदान सिद्‌ध हो रहा है । पुस्तकों के प्रकाशन में भी कंप्यूटरों की अनिवार्य भूमिका हो गई है ।

कार्यालयों में कंप्यूटर के माध्यम से कार्य करना अत्यंत सहज एवं सरल हो गया है। अब कार्यालय संबंधी सभी महत्वपूर्ण आंकडों व तथ्यों को ‘फाइल’ में सुरक्षित रखा जाता है जिससे समय की काफी बचत होती है । अनेक कार्य जिनमें कई व्यक्तियों की आवश्यकता होती थी अब वही कार्य एक कंप्यूटर के माध्यम से बहुत कम समय में ही संपन्न हो जाता है ।

यही कारण है कि अब प्रत्येक सरकारी तथा गैर-सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर का उपयोग अनिवार्य हो गया है । सभी व्यापारिक सूचनाएँ इसमें दर्ज होती हैं जिससे व्यापार करना सरल हो गया है ।

कंप्यूटर के द्‌वारा संचार के क्षेत्र में एक क्रांति सी आ गई है । ‘ई-मेल’ के माध्यम से हजारों मील बैठे अपने संबंधी अथवा मित्र से लोग बहुत ही कम खर्च तथा समय से अपने संदेश भेज सकते हैं तथा ग्रहण कर सकते हैं । ‘इंटरनेट’ के माध्यम से मनुष्य हर प्रकार की जानकारी का आदान-प्रदान विश्व के किसी भी कोने से करने में सक्षम है । वास्तविक रूप में इंटरनेट का विस्तार असीमित है ।

अत: इसे हम एक विशिष्ट दुनिया के रूप में देख सकते हैं । यह न केवल सूचनाओं के आदान-प्रदान को संभव बनाता है अपितु व्यक्ति को उसके निजी समय या अवकाश के अनुसार किसी भी नवीनतम जानकारी को हासिल करने का स्वर्णिम अवसर प्रदान करता है ।

यातायात के क्षेत्र में भी कंप्यूटर की विशेष उपयोगिता है । हवाई मार्गों का निर्धारण एवं नियंत्रण, महानगरों की ‘रेड लाइट सिग्नल’ प्रणाली आदि कंप्यूटर की ही देन है । इसके अतिरिक्त अंतरिक्ष अनुसंधान, मौसम संबंधी जानकारी, मुद्रण आदि में कंप्यूटर का विशेष योगदान है ।

इस प्रकार हम देखते हैं कि आधुनिक युग में कंप्यूटर मनुष्य के जीवन के हर क्षेत्र से प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से जुड़ा हुआ है । विज्ञान के इस अद्‌भुत उपहार को नकराना संभव नहीं है । यह आज की आवश्यकता दै । प्रारंभ में अवश्य ही यह एक विशिष्ट जनसमूह तक सीमित था परंतु सरकार के सकारात्मक रुख के कारण यह धीरे-धीरे विस्तार ले रहा है ।

परिणामस्वरूप यह हजारों मध्यवर्गीय लोगों की आवश्यकता बन गया है । हमारे देश में जहाँ बेरोजगारी व आर्थिक संकट के घने बादल हैं, ऐसे वातावरण में निसंदेह कंप्यूटर का विस्तार समय लेगा । परंतु जिस प्रकार इसकी आवश्यकता वढ़ रही है अथवा जिस तीव्रगति से कंप्यूटरीकरण हो रहा है उसे देखते हुए यह अनुमान लगाया जा सकता है कि बहुत शीघ्र ही यह दूरदर्शन की भाँति सभी घरों में अपनी जगह बना लेगा ।

Hindi Essay on “Aaj ke yug me Vigyan” , ”आज के युग में विज्ञान” Complete Hindi Essay for Class 10, Class 12 and Graduation and other classes.

आज के युग में विज्ञान

Aaj ke yug me Vigyan

आधुनिक युग को हम यदि ‘विज्ञान युग’ की संज्ञा से विभूषित करें तो अनुचित ही होगा। आज विज्ञान का क्षेत्र जितना सर्वव्यापी हो गया है और विज्ञान ने जितनी उन्नति कर ली है, उसको देखकर आश्चर्यचकित रह जाना पड़ता है। जिन वस्तुओं की हम स्वप्न में भी कल्पना नहीं कर सकते थे तथा जिन कार्यों का होना प्राय: असंभव-सा लगता था, विज्ञान के कारण वे ही आज संभव होते जा रहे हैं।

विज्ञान ने हमारे दैनिक जीवन की बहुत सी कठिनाइयों को कम कर दिया है। आज हमें आवश्यकताओं की वस्तुएं बड़ी सरलता से अल्प मूल्य में ही पर्याप्त मात्रा में प्राप्त हो जाती हैं। कपड़ा, दियासलाई, कागज, पैंसिल, बिजली के सामान, चूल्हे, प्रकाश इत्यादि सभी विज्ञान ही की तो देन हैं।

विज्ञान ने हमें मनोरंजन के साधन भी प्रदान किए हैं। आज के युग में थोड़े से मूल्य पर तथा कम समय में मनोनंजर के अनेक साधन विज्ञान ने हमारे लिए प्रस्तुत कर दिए हैं। चलचित्र, ग्रामोफोन, रेडियो, टेलीविजन, वीडियो आदि मनोरंजन के साधन विज्ञान की देन ही तो हैं।

विज्ञान स्थानों की दूरी कम करने में भी बहुत सहायक हुआ है। टेलीफोन से आप कितनी भी दूरी पर उसी प्रकार बात कर सकते हैं जैसे आप आमने-सामने होकर बातें करते हैं। रेलगाड़ी, हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर, जेट विमान आदि अन्य चमत्कारपूर्ण आविष्कार हैं, जिन्होंने स्थान की दूरी को मिटा दिया है। विज्ञान के कारण आज मानव अपने अमूल्य समय की बचत करके उसका सदुपयोग करने में भी समर्थ हो सकता है। वैज्ञानिक मशीनों द्वारा वे ही काम, जो यथेष्ट समय ले लेते थे, आज अतिशीघ्र संपन्न हो जाते हैं। इस प्रकार समय की उपयोगी बचत हो जाती है। इस संदर्भ में कंप्यूटर की उपयोगिता सर्वविदित है।

विज्ञान ने चिकित्सा-शास्त्र के क्षेत्र में भी अनोखा कार्य किया है। ऐसी अनेक असाध्य बीमारियां, जैसे-कैंसर, टी.बी., हैजा, गरदन-तोड़ बुखार, डिफ्थीरिया आदि-जिनकी रोकथाम करने का कोई उपाय ही नहीं था-ऐसे रोगों के लिए भी आज असरदार उपचार के साधन विज्ञान ने प्रस्तुत कर दिए हैं।

वास्तविकता तो यह है कि आज के युग में कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं, जहां विज्ञान ने अपना सहयोग देकर मानव का कल्याण न किया हो, किंतु विज्ञान ने कुमार विनाशकारी वस्तुएं भी मानव को प्रदान कर दी हैं, जो समस्त पृथ्वी को क्षण भर में नष्ट कर सकती हैं। अणु बम, परमाणु बम, हाइड्रोजन बम, रासायनिक एंव जैविक हथियार आदि विस्फोटक उपकरण इसी प्रकार की विनाशकारी देन है।

अंत में, जब हम पूर्ण रूप से निष्पक्ष होकर विज्ञान के चमत्कारों पर दृष्टिपात करते हैं तब हमें अनुभव होता है कि विज्ञान विनाशकारी की अपेक्षा मानव के लिए कल्याणकारी अधिक है। हां, इतना अवश्य है कि विज्ञान की उपलब्धियों का उपयोग शांतिपूर्ण कार्यों तथा मानव की उन्नति के लिए किया जाए।