Independence day essay pdf

Independence Day Essay in Hindi – स्वतन्त्रता दिवस निबंध

Last Updated August 19, 2018 By The Editor 1 Comment

Independence Day Essay in Hindi अर्थात इस article में आप पढेंगे, स्वतंत्रता दिवस (15 August) पर अनेक निबंध हिन्दी में नुक्ते बनाकर व paragraphs के रूप में.

स्वतन्त्रता दिवस

विकास की आस भरा नवेन्दु-सा, हरा-भला कोमल पुष्पमाला सा ।

प्रमोद-दाता विमल प्रभात सा, स्वतन्त्रता का शुचि पर्व आ लसा ।

भूमिका: जीवन के समान ही राष्ट्र का इतिहास भी उन्नति- अवनति ‘और सुख-दुःख की कहानियों से बनता है । लेकिन . दुर्भाग्य के कारण जून कोई राष्ट्र पराधीनता की जंजीरों में जकड़ लिया जाता है तो उसका जीवन अभिशाप बन जाता है । भारत को भी शताब्दियों तक इस पराधीनता की जंजीरों में बन्ध कर पीड़ा और घुटन का जीवन बिताना पड़ा है । अंग्रेजों के शासन ‘काल में पराधीनता की पीड़ा चरम सीमा पर पहुंच गयी थी ।

स्वतन्त्रता प्राप्ति के लिए संघर्ष: स्वतन्त्रता संग्राम के सेनानी भी पूरी सजगता के साथ सरकार का विरोध — कर रहे थे । । दिन-प्रतिदिन ” स्वतन्त्रता हमारा जन्म सिद्ध अधिकार है और उसे हम लेकर रहेंगे ” का नारा बुलंद होता जा रहा था । सात देश स्वतन्त्रता प्राप्ति के लिए बेचैन हो उठा था । सर्वत्र एक ही गूंज सुनाई देती थी ।

रणभेरी बज उठी, वीरवर पहनो केसरिया बाना ।

मिट जाओ वतन पर इसी तरह, जिस तरह शमा पर परवाना ।

अंग्रेजी सरकार भी अपने शासन की नींव को हिलते देखकर बौखला उठती थी । सिपाही लाठियों और गोलियों की वर्षा । करते । देशभक्तों के सिर फूटते. हड्डियां टूटती, और कुछ सड़क पर ही दम तोड़ देते पर लोगों का जोश कम न होता । वे तो एक रट लगाए हुए थे-

नहीं रखनी सरकार, भाइयो, नहीं रखनी, अंग्रेजी सरकार भाइयो, नहीं रखनी ।।

आखिर शहीदों का खून रंग लाया, जिस सरकार के राज्य में सूरज कभो नहीं डूबता श्ग ऐसा शक्तिशाली साम्राज्यवादी सरकार भी आखिर निरूत्थे भारतीयों के सामने झुक गई । 15 अगस्त. 1947 का पावन दिन आया । परतन्त्रता की रात बीत गई और स्वतन्त्रता का सूर्य निकल आया ।

15 अगस्त का शुभ पर्व देखने के लिए! अनेक भारतीयों ने बलिदान दिया । इसी दिन के लिए अनगिनत माताओं की गोदियों के लाल — लुट गए — । अनेक बहनों से उनके भाई छिन गए और सुहागिनों की मांग का सिंदूर पुंछ गया । गांधी, पटेल, जवाहर, राजेन्द्र प्रसाद सरीखे देशभक्तों क्रो एक बार नहीं अनेक बार जेल यातनाएं सहन करनी पड़ी । नेता जी सुभाष. शहीद भगत सिंह तथा लाला लाजपत राय के बलिदान को कौन भूल सकता है? अनेक वीर स्वतन्त्रता-भवन की नींव की इटइं बन गए । भले ही उनका नाम इतिहास के पृष्ठों में नहीं पर उनके ही बलिदान से स्वतन्त्रता का यह दीपक प्रज्वलित हुआ है । बापू के नेतृत्व में लड़े गए अहिंसात्मक संग्राम की कहानी बड़ी लम्बी है । सविनय अवज्ञा आन्दोलनों, असहयोग आन्दोलनों, भारत छोड़ो आन्दोलनों आदि ने सुप्त भारतीयों में नव चेतना भर दी । 15 अगस्त से पहले के इतिहास पर दृष्टि डालें तो हमें बलिदानों का तांता दिखाई देगा । बलिदानों की एक लम्बी परम्परा के बाद हम स्वतन्त्र हुए ।

स्वतन्त्रता दिवस पर हर्ष और उल्लास: स्वतन्त्रता पाप्ति का समाचार सुनकर भारतवासी प्रसन्नता से झूम उठे । भारत के एक कोने से लेकर दूसरे कोने तक हर्ष की लहर दौड़ गई : -15 अगस्त की भोर भी क्या भोर थी । प्रत्येक गली संगीत से गूंज उठी । यह संगीत हृदय का संगीत था ।

उठो सोने वालो, सवेरा हुआ है, वतन के शहीदों का फेरा हुआ है ।

दिल्ली तो उस दिन नई नवेली दुल्हन बन गई थी । ठीक प्रातः आठ बजे स्वतन्त्रता संग्राम के महान. सेनानी जवाहर लाल नेहरू ने लाल किले पर राष्ट्रीय झंडा फहराया । उस दिन प्रत्येक पल ने एक उत्सव का’ रूप धारण कर लिया था । अनेक कार्यक्रम रखे गए । शहीदों को भावभीनी श्रद्धांजलियां अर्पित की गईं । भारत के स्वर्णिम भविष्य — के- लिए अनेक योजनाएं बनाई गईं । 15 अगस्त की रात्रि को दीप माला की गई ।

हमारा कर्त्तव्य: भारत स्वतन्त्र हो गया लेकिन अभी उसके सामने देश के निर्माण का काम था । यह काम धीरे- धीरे हो रहा है । खेद की बात है कि 65 वर्ष व्यतीत हो जाने पर भी भारत अपने सपने को साकार नहीं कर पाया । इसका कारण व्यक्तिगत स्वार्थों की प्रबलता है । दलबन्दी के कारण भी काम में विशेष गति नहीं आती । हमारा कर्त्तव्य है कि देश की उन्नति तथा इसकी स्वतन्त्रता बनाए रखने के लिए ईमानदारी का परिचय दें । प्रत्येक नागरिक कर्मठता का पाठ सीखे और अपने चरित्र बल को ऊंचा उठाए । जनता एवं सरकार दोनों को मिलकर देश के प्रति अपने कर्त्तव्य को पूरा करना है । युवक देश की रीढ़ की हड्डी के समान हैं । उन्हें देश के गौरव को बनाए रखने के लिए तथा उसे सम्पन्न एवं शक्तिशाली बनाने में अपना योगदान देना चाहिए ।

उपसंहार: स्वतन्त्रता दिवस का मंगल पर्व इस बात का साक्षी है कि स्वतन्त्रता एक अमूल्य वस्तु है । इसके लिए हमने महान् त्याग किया है । अनेक देश — भक्तों ने भारत माता के सिर पर ताज रखने के लिए अपना सब कुछ त्याग दिया है । इस दिन हमें एकता का पाठ पढ़ना चाहिए और देश की रक्षा का व्रत धारण करना चाहिए ।

या (अन्य निबंध स्वतंत्रता दिवस पर)

स्वतंत्रता दिवस आज के लगभग दो सौ वर्ष पहले भारत अंग्रेजों के अधीन था तथा पराधीनता की पीड़ा तथा यातना से जूझ रहा था । स्वतंत्रता प्रत्येक व्यक्ति को पसंद होती है । पशु-पक्षी, इन्सान सभी स्वतन्त्र रहना चाहते हैं । भारतीयों ने भी आजादी के लिए संघर्ष किया । नौजवानों, बुजुर्गों, स्वतंत्रता सेनानियों, क्रांतिकारियों ने अपने प्राण की आहुति देकर भारत को अंग्रेजों से भाव पराधीनता की बेड़ियों से छुड़वाया ।

“शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मिटने वालों का, यही बाकी निशां होगा ।”

सोने की चिड़िया कहलाने वाला हमारा देश भारत भी आपसी फूट के कारण सैकड़ों वर्षों तक गुलामी की जंजीरों में जकड़ा रहा । पराधीनता के उस समय में भारतीयों को पीड़ा, अपमान, शोषण एवं घुटन का जीवन व्यतीत करना पड़ा तथा स्वाधीनता प्राप्त करने के लिए अनेक लोगों को अपना बलिदान देना पड़ा तथा संघर्ष करना पड़ा । सन् 1857 ई. से लेकर 1947 ई. तक का इतिहास इस बात का गवाह है कि झांसी की रानी, तांत्या टोपे से लेकर चंद्रशेखर आजाद, बिस्मिल, तिलक, गोपाल कृष्ण गोखले, लाला लाजपत राय, महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू, भगत सिंह आदि के प्रयासों से हमें अंग्रेजों की गुलामी से आजादी मिली । उस दिन से प्रतिवर्ष यह राष्ट्रीय त्योहार पूरे देश में बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है तथा जिन लोगों के संघर्ष से आज हम आजादी का जीवन व्यतीत कर रहे हैं, उन्हें याद किया जाता है । इस दिन देश को उन्नति के पथ पर आगे बढ़ने व भेद — भाव को मिटाने की प्रतिज्ञा ली जाती है । इस दिन प्रत्येक भारतवासी के मन में देश प्रेम की भावना जागृत होती है और उन्हें देश की स्वतन्त्रता व एकता बनाए रखने के लिए प्रेरित करती है.

15 अगस्त, 1947 को भारत के प्रथम प्रधानमंत्री श्री जवाहर लाल नेहरू ने दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराया था तभी से यह परंपरा चली आ रही है । राष्ट्रीय पर्व पूरे राष्ट्र में हर्षोल्लास से मनाया जाता है पर दिल्ली में लाल किले पर इस दिन नजारा विशेष ही होता है । इस दिनों शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है । पूरे भारत में सार्वजनिक अवकाश रहता है । इस दिन प्रात. काल ही लोग लाल किले के सामने एकत्रित हो जाते हैं । प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं तथा देश के नाम संदेश देते हैं । तोपों की सलामी दी जाती है । विद्यालयों, कार्यालयों तथा सार्वजनिक स्थलों पर कार्यक्र्रम होते है । इस दिन हमें इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि हम उस आजादी की कीमत को पहचानें तथा उसकी रक्षा करें तथा निजी स्वार्थों को त्यागकर परस्पर प्रेम — भाव से रहें । देश की स्वाधीनता, एकता एवं अखण्डता की रक्षा के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए । ऐसा कोई भी कार्य नहीं करना चाहिए जिसके कारण देश में अनेकता फैले । सभी धर्मों का सम्मान करना चाहिए तथा देश की उन्नति के लिए अपने कर्त्तव्य का पालन करना चाहिए ।

Other Independence Day Essays – स्वतंत्रता दिवस पर अन्य निबंध

भारत में स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर लघु निबंध

स्वतंत्रता दिवस भारत में एक वार्षिक राष्ट्रीय उत्सव है यह हर साल 15 अगस्त को मनाया जाता है भारत ने 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश साम्राज्य से स्वतंत्रता हासिल की। ​​इसलिए, यह दिन भारत के नागरिकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 15 अगस्त, 2017 को सभी भारतीय 71 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का जश्न मनायेंगे।

प्रेरणा का स्रोत: भारत में स्वतंत्रता आंदोलन भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किया जाता था। इन स्वतंत्रता सेनानियों को एक कठिन और गंभीर संघर्ष से गुजरना पड़ा। यह दिन हमें स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष की याद दिलाता है जो अपने देश के लिए अपने जीवन का बलिदान करते थे। यह हमारे देश को प्यार करने के लिए प्रेरणा देता है। हम अपने देश का भविष्य हैं और, हम अपने देश के लिए सब कुछ बलिदान करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

हमारी आज़ादी का जश्न मनाएं: इस दिन, हम अपनी स्वतंत्रता का जश्न मनाते हैं। हम एक स्वतंत्र देश हैं भारत के नागरिकों के रूप में हमारे लोकतांत्रिक अधिकार सुरक्षित हैं। हम हमारे संविधान द्वारा गारंटीकृत मूलभूत अधिकारों का भी आनंद लेते हैं। हम एक आत्मशाही लोकतांत्रिक देश हैं हमारे पास मतदान अधिकार हैं हमें हमारी सरकार चुनने का अधिकार है स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता की भावना हमारे दिल को अद्वितीय खुशी से भर देती है हालांकि, हमें यह याद रखना चाहिए कि हम जिस मुफ़्त हवा की खुशबू का अनुभव कर रहे हैं वह वास्तव में मुक्त नहीं है। यह अथक प्रयासों और हमारे देश-पुरुषों के अनगिनत बलिदान का नतीजा है।

लाल किले में भव्य समारोह: नई दिल्ली में रेड फोर्ड पर हर साल आयोजित एक खूबसूरत स्वतंत्रता दिवस समारोह, हर देश को अपने देश पर गर्व करता है। 15 अगस्त 1947 को, भारत के पहले प्रधान मंत्री जवाहर लाल नेहरू ने भारत का राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उस अवसर के बाद, प्रत्येक स्वतंत्रता दिवस पर, प्रधान मंत्री त्रिकोणीय राष्ट्र ध्वज का उद्घाटन करते हैं और एक भाषण देते हैं प्रधान मंत्री देश को संबोधित करते हैं और ज्ञात और अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को सम्मान और श्रद्धांजलि देता है जिन्होंने हमारे लिए स्वतंत्रता प्राप्त की। भारत का राष्ट्रगान गाया जाता है भारतीय सेना के परेड आयोजित किए जाते हैं। यह हर भारतीयों के लिए एक महान क्षण है

15 अगस्त, 2015 को, भारत ने अपने 69 वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का जश्न मनाया था। हमारे वर्तमान प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले में त्रि-रंग राष्ट्रीय ध्वज फहराया और फहराया। एक बार फिर, हमने आनंद, आशा और उत्साह के साथ गर्व का क्षण मनाया।

इसी तरह की घटनाओं को बहुत ही राज्य में आयोजित किया जाता है। राज्य के मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया है, जिसके बाद परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रम हैं।

देशभक्ति की भावना के साथ पूरे देश में मनाया गया: स्वतंत्रता दिवस भारत के सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों में मनाया जाता है। राष्ट्रीय ध्वज का उद्घाटन समारोह स्कूलों, कॉलेजों, समाजों और सरकारी कार्यालयों में भी मनाया जाता है। इमारतों को त्रि-रंग रोशनी द्वारा सजाया गया है ये सभी घटनाएं हमारे दिल में देशभक्ति की भावना को भर देती हैं। देश के सभी लोगों के दिल में एकता पर महसूस हो रहा है। यह हमारे लोगों को प्रेरित करता है, युवा और बूढ़े दोनों, आगे आने के लिए और देश के लिए योगदान देते हैं।

भारत के बाहर: 15 अगस्त को भी भारतीय मूल और एनआरआई के लोगों द्वारा “भारत दिवस” ​​के रूप में मनाया जाता है, दुनिया के विभिन्न भागों में।

स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि: देश के लिए स्वतंत्रता हासिल करने के लिए आजीवन मुक्ति पाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि और श्रद्धांजलि दी जाती है। भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के नेताओं की वजह से आज हम स्वतंत्र हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि हम इन नेताओं को श्रद्धांजलि देते हैं।

यह सभी भारतीयों के लिए खुशी, महिमा और गौरव का एक दिन है।

भारत में स्वतंत्रता दिवस पर लघु अनुच्छेद

भारत को 15 अगस्त, 1947 को ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता मिली। इसलिए हम हर साल 15 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं। स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय छुट्टी है

हम सभी जानते हैं कि स्वतंत्रता स्वतंत्र नहीं है। स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए हमारे राष्ट्रीय स्वतंत्रता सेनानी ने प्रयासों, अहिंसा और अन्य आंदोलन के वर्षों को ले लिया।

15 अगस्त 1947 को, पंडित जवाहरलाल नेहरू ने लाल किले, दिल्ली में त्रि-रंग राष्ट्रीय ध्वज उठाया।

पूरे देश में महान उत्साह के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है।

स्वतंत्रता दिवस भी स्कूलों में मनाया जाता है, और शिक्षकों ने छात्रों को इस दिन के महत्व की व्याख्या की है। विद्यालय बच्चों को बहुत जल्दी सुबह रंगीन जुलूस ले जाते हैं। वे भारत की महिमा गाते हैं सेंट्रल पार्क में जुलूस का अंत

वहां राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाता है और राष्ट्रीय गान कोरस में गाया जाता है। देश की सेवा करने के लिए हर कोई एक नई शपथ लेता है और अपनी महिमा को बढ़ाने के लिए सब कुछ करता है।

बुजुर्गों ने शहीदों को याद किया, जिन्होंने आजादी के संघर्ष में अपना जीवन बलिदान किया। वे महान नेताओं को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने हमारी आज़ादी को जीतने के लिए काफी नुकसान पहुंचाया था।

आज भी हमें शांति और अहिंसा की शिक्षा का पालन करने के लिए प्रेरणा मिलती है जिसे महात्मा गांधी ने प्रचारित किया था, जो हमारे देश के पिता थे।

इस दिन हमें देश को हमारे कर्तव्य और जिम्मेदारी की याद दिलाता है। चूंकि एक गीत के साथ बैठक समाप्त होती है, मिठाई सभी के बीच वितरित की जाती है फिर, लोग मलिन बस्तियों में जाते हैं और गरीबों के बीच भोजन और कपड़े वितरित करते हैं। जब वे घर वापस आते हैं तो वे बहुत खुश हैं।

हम स्वतंत्रता दिवस क्यों मनाते हैं? – निबंध

स्वतंत्रता दिवस ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से आजादी की याद दिलाता है। नतीजतन, स्वतंत्रता दिवस एक नए राष्ट्र के जन्म का जश्न मनाता है। भारत में, स्वतंत्रता दिवस हर साल 15 अगस्त को होता है।

स्वतंत्रता दिवस (अगस्त का 15 दिन) हर साल चिह्नित है, और कुछ लोगों के लिए, यह सिर्फ एक और सार्वजनिक अवकाश है इस दिन के महत्वपूर्ण कारण हैं और एक राष्ट्रीय आयोजन के रूप में मनाया जाता है।

1. स्वतंत्रता: यह दिन हमें याद दिलाता है कि यह स्वतंत्र कैसे होना चाहिए। स्वतंत्रता कुछ ऐसा है जो सभी इंसान जीवित और योग्य हैं

2. राष्ट्रवाद का जश्न मनाएं: स्वतंत्रता दिवस हमारे राष्ट्रवाद को मनाने के लिए चिह्नित किया गया है। स्वतंत्र भारत का जन्म 15 अगस्त, 1947 को हुआ था। इस दिन का जश्न मनाने के लिए एक राष्ट्र का जन्म एक महत्वपूर्ण कारण है।

3. इतिहास: स्वतंत्रता हासिल करना एक ऐतिहासिक घटना है, और यह अपने ही दिन का हकदार है। स्वतंत्रता दिवस स्वतंत्रता के ऐतिहासिक महत्व को चिह्नित करने का एक तरीका है।

4. स्मरण: स्वतंत्रता मनाने के लिए हर साल एक विशेष दिवस होने से यह सुनिश्चित होता है कि हम इतिहास में इस महत्वपूर्ण अवसर के बारे में कभी भी नहीं भूलें।

5. देशभक्तिपूर्ण कर्तव्यों: हमें अपने देशभक्तिपूर्ण कर्तव्यों की याद दिलाने के लिए स्वतंत्रता का दिन याद है। एक अच्छे नागरिक की भूमिका क्या है? हमारे देश और रिश्तेदारों के लिए हमारे कर्तव्यों क्या हैं?

6. स्वतंत्रता कार्यकर्ताओं का सम्मान: स्वतंत्रता जो आज हम आनंद लेते हैं, वे अन्य लोगों के लिए लड़े और इस प्रकार स्वतंत्रता दिवस उन्हें सम्मान देने के लिए चिह्नित किया गया।

7. विशिष्टता: स्वतंत्रता दिवस हमारे स्वतंत्र राष्ट्र के बारे में अनूठी चीज़ों को मनाने का एक मौका है। दिन भी यह दर्शाता है कि हम एक राष्ट्र के रूप में और एक लोगों के रूप में कितने दूर आए हैं, इस पर भी विचार किया गया।

निष्कर्ष: आम तौर पर अलग-अलग राष्ट्रीय अवकाश होते हैं लेकिन इन सभी में, स्वतंत्रता दिवस को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, और इसलिए इसे जश्न मनाने के लिए महत्वपूर्ण है। खुले दिमाग से आजादी के दिन आना और इतिहास और राजनीति के बारे में जितना संभव हो सके जानने की इच्छा महत्वपूर्ण है।

भारतीय स्वतंत्रता दिवस

15 अगस्त अगस्त हमारे देश भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण दिन है.

इस दिन 1947 में भारत स्वतंत्र हुआ हम एक कठिन संघर्ष के बाद आजादी जीते हैं। इस दिन हमारे पहले प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पहली बार लाल किले में राष्ट्रीय ध्वज फहराया।

सभी जाति, नक्षत्र और पंथ के बावजूद सभी लोग इस दिन हर दिन बड़े आनन्द के बीच मनाते हैं। इसे सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है इस दिन हम अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिज्ञा लेते हैं कि हमारे सभी संभवतः

स्वतंत्रता दिवस पूरे भारत में बहुत खुशी के साथ मनाया जाता है। लोग बैठकें आयोजित करते हैं तिरंगा उड़ो और राष्ट्रीय गान गाना उनके बीच बहुत उत्साह हैं

दिल्ली में, भारत की राजधानी, इस दिन महान धूमधाम और शो के साथ मनाया जाता है लोग लाल किले के सामने परेड ग्राउंड में बड़ी संख्या में इकट्ठा होते हैं वहाँ एक महान हलचल और हर जगह हलचल है वे किले के लिए अग्रणी सभी सड़कों को खड़ा करते हैं और प्राइम मिनिटर के आने के लिए बेसब्री से प्रतीक्षा करते हैं।

विदेशी राजदूत और गणमान्य व्यक्ति भी समारोह में हिस्सा लेते हैं। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया सम्मान की सुरक्षा स्थानीय पुलिस और सशस्त्र बल कर्मियों द्वारा की जाती है। 21 बंदूकें का एक सलामी निकाल दिया गया है। सैन्य बैंड राष्ट्रीय गान खेलता है प्रधान मंत्री ने राजदूतों को पैरापेट पर बैठाया और एक भाषण दिया।

हमारे देश की आजादी के लिए उनके जीवन का त्याग करने वालों को श्रद्धांजलि दी जाती है प्रधान मंत्री के भाषण के बाद, यह कार्य हमारे राष्ट्रीय गान के साथ समाप्त हो गया, ‘जन जीना मानना’ और भीड़ पिघल जाती हैं।

स्वतंत्रता दिवस हमें उन देशभक्तों की याद दिलाता है जो हमारे लिए स्वतंत्रता जीतने के लिए संघर्ष करते थे और सामना करते थे।

Indepndence Day Essay in Hindi (Video)

अन्य निबंध:

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In Tamil Nadu the Telugu dialect is classified into Hosur, and concluded that Kanva wrote an ancient Telugu Grammar which was lost. A number of brick temples, veturi Prabhakara Sastry talk about the existence of Jain Telugu literature during 850, telugu features a form of vowel harmony wherein the second vowel in disyllabic noun and adjective roots alters according to whether the first vowel is tense or lax.

This article needs additional citations for verification. This article contains IPA phonetic symbols. South-central Dravidian language native to India. Telugu ranks fourth among the languages with the highest number of native speakers in India, with 6. Speakers of Telugu refer to it as Telugu itself.

Older forms of the name include Teluṅgu, Tenuṅgu and Teliṅga. The etymology of Telugu is not certain. Some historical scholars have suggested a derivation from Sanskrit triliṅgam, as in Trilinga Desam, “the country of the three lingas”. Appa Kavi in the 17th century explicitly wrote that Telugu was derived from “Trilinga”.

Central Institute of Indian Languages Dictionary Series, which are not represented in Independence day essay in telugu pdf. As in Trilinga Desam, technical Reference Manual for the Standardization of Geographical Names.

BEST स्वतंत्रता दिवस का भाषण Independence Day Speech Essay In Hindi (PDF + Video)

August 13, 2017 By Laxmi Priya Leave a Comment

क्या आप स्वतंत्रता दिवस क अवसर पर भाषण पढना चाह रहे हैं?

क्या आप स्वतंत्रता दिवस पर निबंध हिंदी में जानना चाहरहे हैं?

अगर आपको १५ अगस्त पर देशभक्तिपूर्ण स्वतंत्रता दिवस का भाषण हिंदी में जानना चाह रहे हैं तो इस पोस्ट में हमने स्वतंत्रता दिवस का महत्व और १५ अगस्त स्वतंत्रता दिवस का भाषण पेश किया है|

निचे हमने भारत स्वाधीनता दिवस का भाषण टेक्स्ट में पेश किआ है , एक स्वतंत्रता दिवस भाषण का YouTube video भी है ओर एक स्वाधीनता दिवस anchoring speech का इमेज दिया है जिसे आप डाउनलोड करके अपने मोबाइल या फिर प्रिंट करके अपने साथ रख सकते हैं|

71st स्वतंत्रता दिवस का भाषण, निबंध हिंदी में (Independence day speech/essay in Hindi for teachers, school children, kids, 2017)

निचे दिया गया देशात्मबोधक भाषण व निबंध for students/ class children in Hindi within 200-250 words

सेवा में
श्रीमान महानुभाव
एवं यहाँ उपस्थित मेरे भाई एवं बहनो, सबसे पहले में आप सभी को १५ अगस्त की सुभकामनाये देता हु और भगवान से प्राथना करता हूँ की वो आपको हमेशा स्वस्थ रखे । जैसा कि हम सभी जानते है की आज हम १५ अगस्त की ७० वर्षगांठ मानाने जा रहे है हम जानते है कि १५ अगस्त का नाम भारत के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरो में रहेगा । जैसा कि हम सभी जानते है कि हम १५ अगस्त १९४७ को आज़ाद हुवे थे । उससे पहले हम अंग्रेज़ो के अधीन थे, वो अंग्रेज जो हम पर अत्याचार करते थे ।

नई दिल्ली में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पंडित जवाहरलाल नेहरु ने भाषण दिया था। जब पूरी दुनिया के लोग सो रहे थे, ब्रिटीश शासन से जीवन और आजादी पाने के लिये भारत में लोग संघर्ष कर रहे थे। अब, आज़ादी के बाद, दुनिया में भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमारा देश विविधता में एकता के लिये प्रसिद्ध है। भारतीय लोग हमेशा अपनी एकता से जवाब देने के लिये तैयार रहते है।

हमारे देश में कही देशभक्तो ने जनम लिया और हमारी आज़ादी के लिए लिए कही सूर बीरो ने अपना बलिदान दिया । हमे आज़ादी बड़े कठिनाइयों से प्राप्त हुवी है । हमे आज़ादी की अहमियत समझनी चाहिये और देश को प्रगतिशील बनाये रखना चाहिए । आज हम अपने घरो में अपने देश में आज़ाद घूमते है ये उन्ही सूरवीरों का काम है जिन्होंने देश के लिए अपना बलिदान दिया ।

१५ अगस्त को हम बड़े गर्व के साथ मानते है १५ अगस्त को भारत के प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते है और भारतीय सेना इस दिन इंडियागेट पर परेड करती है । इस दिन भव्य कार्यक्रमो का आयोजन होता है, भारत के प्रधानमंत्री अपने भाषण से सारी जनता को संबोधित करते है । एक बार में फिर से आप सभी को १५ अगस्त की हार्दिक बधाई देती हु|
धन्यवाद |

इस भाषण को प्रिंट करने के लिए निचे का बटन दबाईये

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण 15 August Independence Day speech Youtube Video

अगर आप १५ अगस्त २०१७ का भाषण को सुनकर लिखना या याद करना पसंद करते हैं तोह इस भाषण को जरुर सुनें| भाषण के अंत में आपको आपकी स्वतंत्रता दिवस भंष्ण इन हिंदी को कैसे रोचक ओर वाहवाही मिलेगा उस पर टिप्स भी हैं|

भाषण क बेह्तेरिन टिप्स के लिए जरुर सुनें इस video को

15 स्वतंत्रता दिवस का महत्व स्वतंत्रता दिवस का भाषण/हिंदी Essay इन PDF 2017

आपकी सुविदा क लिए हमने एक पन्द्र अगस्त का भाषण का image तैयार किया है जो स्वतंत्रता दिवस का महत्व के अवसर पर स्वतंत्रता दिवस पर निबंध हिंदी में लिखने के काम आएगा |

स्वतंत्रता दिवस पर भाषण 15 August Independence Day speech

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Dhanyabad